Logo
Home / Blog Details

बड़ा मंगल के दिन सुंदरकांड पाठ क्यों करना चाहिए?

Learn more about our blogs and news.

बड़ा मंगल के दिन सुंदरकांड पाठ क्यों करना चाहिए?
Published on June 02, 2026

सनातन धर्म में बड़ा मंगल भगवान हनुमान जी की भक्ति के लिए विशेष रूप से समर्पित माना जाता है। ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को मनाया जाने वाला यह पर्व भक्तों के लिए पूजा, सेवा, दान और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामायण पाठ का विशेष महत्व बताया गया है।

बड़ा मंगल 2026 कब-कब है?

वर्ष 2026 में बड़ा मंगल निम्न तिथियों पर मनाया जा रहा है-

  • 5 मई 2026
  • 12 मई 2026
  • 19 मई 2026
  • 26 मई 2026
  • 2 जून 2026
  • 9 जून 2026
  • 16 जून 2026
  • 23 जून 2026

इन सभी तिथियों पर हनुमान जी की पूजा, सुंदरकांड पाठ और सेवा कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

सुंदरकांड क्या है?

सुंदरकांड रामचरितमानस का वह भाग है जिसमें भगवान हनुमान जी के पराक्रम, बुद्धि, भक्ति और समर्पण का वर्णन मिलता है। माता सीता की खोज, लंका में प्रवेश और श्रीराम के संदेश को पहुंचाने की कथा सुंदरकांड का मुख्य आधार है।

इसी कारण सुंदरकांड को हनुमान भक्ति का सबसे प्रभावशाली पाठ माना जाता है।

बड़ा मंगल पर सुंदरकांड पाठ का महत्व

1. हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करने से भगवान हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों के जीवन से कई प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं।

2. मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है

सुंदरकांड का पाठ मन को स्थिर करता है। नियमित पाठ से आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

3. भय और संकट दूर करने में सहायक

हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है। इसलिए बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ संकटों और भय को दूर करने वाला माना जाता है।

4. राम भक्ति मजबूत होती है

सुंदरकांड केवल हनुमान जी का वर्णन नहीं करता बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति का भी संदेश देता है। इसलिए इस दिन राम नाम जप और श्रीराम की आराधना भी विशेष फलदायी मानी जाती है।

5. परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है

कई परिवार बड़ा मंगल पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन करते हैं। इससे घर में धार्मिक वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

बड़ा मंगल पर क्या करना चाहिए?

  • हनुमान मंदिर में दर्शन करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • सुंदरकांड का श्रवण या पाठ करें।
  • सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
  • लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं।
  • अन्नदान और जलदान करें।
  • गौ सेवा करें।
  • श्रीराम का नाम जपें।

देवी अंजलि जी का संदेश

प्रख्यात राम कथा वाचिका देवी अंजलि जी के अनुसार सुंदरकांड केवल एक धार्मिक पाठ नहीं है, बल्कि यह विश्वास, साहस और भक्ति का प्रतीक है। जब व्यक्ति श्रद्धा के साथ सुंदरकांड का पाठ करता है, तो उसके भीतर आत्मबल और सकारात्मक सोच का विकास होता है।

देवी अंजलि जी अपने आध्यात्मिक प्रवचनों और श्री राम कथा के माध्यम से भी यही संदेश देती हैं कि हनुमान जी की भक्ति का सबसे बड़ा आधार भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण और सेवा भाव है। यही कारण है कि धार्मिक आयोजनों में राम कथा बुकिंग, सुंदरकांड पाठ और भक्ति सत्संग का विशेष महत्व माना जाता है।

निष्कर्ष

बड़ा मंगल के दिन सुंदरकांड पाठ करना भगवान हनुमान जी की भक्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। यह पाठ केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का भी साधन है।

यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ सुंदरकांड का पाठ किया जाए, तो यह जीवन में भक्ति, सेवा और आत्मबल को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।

जय श्री राम। जय बजरंगबली। 🚩🙏