यह सोहर गीत भगवान भगवान राम के जन्म की खुशी में गाया जाता है। जब राजा दशरथ के घर अयोध्या में राम लला का जन्म हुआ, तब पूरे नगर में मंगल गीत और सोहर गाए गए।
राम जन्म सोहर (पूर्ण गीत)
अयोध्या नगरी में बाजे बधइया,
राजा दशरथ के अंगना जनमे ललना।
चारों ओर खुशी की छाई है बहार,
जनमे रघुनंदन मिटे जग अंधियार।
माता कौशल्या के अँगना उजियारा,
राम लला आए लेकर सुख सारा।

ढोल मंजीरा बाजे नगाड़ा,
गावें मंगल सारा अयोध्या।
देवता फूल बरसाने आए,
ऋषि मुनि सब मंगल गाए।
नाचे गावे नर और नारी,
खुशियाँ छाई घर-घर सारी।
सोना चांदी लुटावे दशरथ राजा,
आज खुशी का दिन है साजा।
कौशल्या माता झूला झुलावे,
राम लला को प्रेम लुटावे।
लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न संग खेलें,
चारों भाई खुशियाँ मेलें।
गूंजे जय जय श्री राम का नारा,
भय मिटे जग का सारा।
अयोध्या में मंगल गाए,
राम जन्म की खुशियाँ छाए।
राम जन्म सोहर कब गाया जाता है
- राम नवमी के दिन
- राम कथा और भजन संध्या में
- घर में पूजा या धार्मिक कार्यक्रमों में
- भगवान राम के जन्म उत्सव पर